यदि कभी आपको यह लगे कि एक हिन्दी फिल्म बनानी चाहिए तो आप बिल्कुल भी घबराइएगा नहीं। हिन्दी फिल्मों को बनाना बहुत ही आसान है। यदि आपके हाथ में एक माचिस की डिब्बी है तो भी आप हिन्दी फिल्म बना सकते हैं। माचिस से एक-एक काड़ी निकालकर उसे नाम देते जाइए। एक काड़ी को हीरो, दूसरे को हिरोइन, तीसरे को विलेन,चौथे को हिरोइन का बाप, पांचवी काड़ी को हिरोइन की मां शशिकला टाइप की। छठवी काड़ी को हीरो का दोस्त... राजेंद्रनाथ या मेहमूद सरीखा। सातवी काड़ी को हिरोइन की सहेली जिस पर हीरो का राजेंद्रनाथ बना दोस्त मर मिटेगा। आठवी काड़ी को बाबुल की दुआएं लेती जा... जा तुझको सुखी संसार मिले गाने वाला गरीब बाप समझ लीजिए। बाकी जितनी काड़ी है उनसे बाग-बगीचों में गाने का काम संपन्न हो जाएगा। हीरो जब शराब पीकर भरी महफिल में बेवफाई पर गाना गाएगा तो बाकी लोगों के हाथ में शराब के गिलास भी तो थमानी है या नहीं। कुल मिलाकर माचिस की काड़ियों से भी हिन्दी फिल्में बन सकती। छत्तीसगढ़ी फिल्में बनाना तो और भी आसान है क्योंकि इस बनाने के लिए तो ज्यादा दिमाग भी नहीं लगाना पड़ता। सीधे-सीधे किसी हिन्दी या भोजपुरी की हिट फिल्म की कापी कर लो फिल्म तैयार हो जाती है। सतीश जैन की फिल्म मया स्वर्ग से सुंदर की रीमेक थी तो हाल ही में आई एक फिल्म हीरो नंबर वन स्वर्ग फिल्म की कापी थी। टुरा रिक्शावाला भी एक भोजपुरी फिल्म की टू कापी थी। खैर बात यदि हिन्दी फिल्मों की चल रही है तो मैं आपको बता दूं कि एक बेहतर हिन्दी फिल्म की कहानी कुल जमा सौ संवादों के आसपास ही घूमती है। यदि आपने इन संवादों का ठीक ढंग से रटा मार लिया है तो आपकी फिल्म को हिट होने से भी कोई नहीं रोक सकता।
यहां मैं कुछ प्रचलित संवाद से आपका परिचय करवाने जा रहा हूं। इन संवादों के साथ-साथ शरारत से भरी हुई टिप्पणी भी दे रहा हूं। पाठकों को कोई नई टिप्पणी सुझे तो वे मुझे फोन पर भी बता सकते हैं। मैं भी हंसना चाहूंगा।संवाद---
1- मैं तुमसे प्यार करती हूं
तुम तो कल निर्माता को भी यही बोल रही थी
2- मैं तुम्हारे बिना जी नहीं सकती
साली अच्छी मुसीबत गले पड़ रही है।
3- राज... मैं तुम्हारे बच्चे की मां बनने वाली हू
साला.. ये राज हर फिल्म में हिरोइनों को मां बनाने का काम ही करता है.
4- न...ह......ही (लंबी चीख)
इस चीख के साथ दर्शक भी चीखकर कहता है- आजा
5- अरी कलमुंही... तू पैदा होते ही मर क्यों नहीं गई
दर्शक- मार साली को और मार... बहुत ऐश कर रही थी
6- भगवान के लिए मुझे छोड़ दो
भगवान के लिए छोड़ दोगे तो रणजीत क्या करेगा। चाकू हिलाएगा
7- मैं कहां हू
मछुवारे के घर में। यही तुमको पाल पोसकर जवान बनाएगा
8- मारने वाले से बचाने वाला बड़ा होता है
लेकिन पूरी फिल्म में बचाने वाले की ही वाट लगती रहती है
9- सुबह का भूला अगर शाम को घर लौट आए तो उसे भूला नहीं कहते
-यह बात पियक्कड़ों पर लागू नहीं होती है।
10- इन्हें अब दवा नहीं दुआ की जरूरत है
-चलो घंटी बजाओ और चिमटा लेकर भजन सुनाओ.. तब तक हम लोग बीड़ी पीकर आते है।
11- बेटा भगवान के घर देर हैं अंधेर नहीं
-हीरो को तो होश में लाना ही पड़ेगा बेटा... नहीं तो फिल्म की कहानी आगे कैसे बढ़ेगी
12- मां.. मां ... तुम कहां हो.. आज मुझे नौकरी मिल गई है। अब हमारे सारे कष्ट
दूर हो जाएंगे
- मां की आंखों में चमक... बेटा अब तू जल्दी से मुझे आशा पारेख (बहू) ला दे
13- देख मां... देख मैं तेरे लिए क्या लाया हूं।
भजिया खिलाकर मां को बेवकूफ बना रहा है साला।
14-जीते रह बेटा... आज तेरे बापू जिन्दा होते तो कितना खुश होते
-अरे कोई वायलिन बजाओ रे... आंखों से आंसू निकालना है।
15-लेडि़स एंड जैंन्टलमेन आज... बहुत ही खुशी का दिन है और इस खुशी के मौके पर मिस्टर कुमार अपनी दिलकश आवाज में एक गीत सुनाएंगे
-खुशी के मौके पर पियानो बजाकर गाओ- दिल तोड़ने वालों की महफिल में आ गया हूं
16- बाबूजी एक बात कहूं.. इन हाथों से पाल पोसकर तुमको बड़ा किया है.. इतनी पीकर मत आया करो
-अरे रामू काका.. कौन कमबख्त दिल जलाने के लिए पीता है मैं तो गम भुलाने के लिए पीता हूं। चल बे बुढ़ऊ... अब जूते निकाल।
17- सेठ मैं तेरी-तेरी पाई-पाई चुका दूंगी
-अरे कैसे चुकाओगी राधारानी.. जब कोई नहीं रहेगा तब आटा लेने आना। अभी जा नहीं चिल्लाएगी- मेरे करण-अर्जुन आएंगे।
18- अपनी जायजाद का एक पाई भी नहीं दूंगा
मत दे साले को अपन भी हर जगह नौकरी मांग-मांगकर धक्के खाएंगे
19- भगवान एक मंदिर तोड़ने वाले को तो माफ कर सकता है लेकिन किसी का दिल
तोड़ने वाले को...
(गंभीर किस्म का म्यूजिक)
20-बास पुलिस ने हमारा करोड़ों का माल पकड़ लिया है
चिंदीचोर पुलिस और क्या करेगी... सबसे आखिरी में पहुंचेगी या फिर दौड़ाएगी
21- बास.. हमारे अडडे को पुलिस ने चारों तरफ से घेर लिया है
ले आओ साले को हीरो की मां और बहन को। बांध दो खंबे से
22-खबरदार.. कोई अपनी जगह से नहीं हिलेगा
(अब--- डोंट मूव्ह)
सिवाय दर्शक के
23- अपने साथियों से कह दो कि हथियार फेंक दो
रेखा तुम सब हथियारों को बटोर लो... बहुत मटकना हो गया
24-पलट दी न बाजी... मैं कहता हूं हीरे और हिरोइन दोनों मेरे हवाले कर दो
जल्दी कर... बे.. साले सायकिल स्टैंड से सायकिल निकालना है... बाद में वहां भीड़ हो जाती है।
25-ढिशुंम.. ढिशुंम.... कुत्ते-कमीने मैं तेरा खून पी जाऊंगा
मार साले... मार साले को। फोड़ डाल साले को दे घुमाके
26-टे आऊ.. वाऊ ऊ...(पुलिस का सायरन) गिरफ्तार कर लो इनको
अब कामेडियन आएगा... आखिरी-आखिरी में अपनी होने वाली बीवी से परिचय करवाएगा। एक मां जिसने हीरो को पाला है वह एक पेड़ के नीचे खड़ी रहेगी
हीरो- मां तुने मुझे दूध नहीं पिलाया तो क्या हुआ... लेकिन मैं तेरी ही कोख से जन्म लेना चाहूंगा।
(गाना- हो जाता है प्यार... प्यार... किया नहीं जाता ...न बस में तुम्हारे न बस में हमारे.... द एंड)
अब चलो भी... अबे दरवाजा तो पूरा खोल। काफी अच्छी भीड़ थी... लगता है चलेगी फिल्म। हां चल जाएगी। बाथरूम इधर है न...तू सायकिल निकालकर रख मैं एक मिनट में आता हूं।