कहते हैं कि जिस किसी भी ब्लागर की 100 पोस्ट पूरी हो जाती है वह ढक्कन खोल लेता है। आज से तीन साल पहले जब लगातार ढक्कन खोलने की स्थिति कायम थी तब यदि 10 पोस्ट भी पूरी हो जाती तो शायद मैं जश्न मना लेता लेकिन अब वह स्थिति नहीं है कि अभिताभ बच्चन बनकर कहा जाए-आज इतनी भी मयस्यर नहीं पैमाने में... कभी छोड़ दिया करते थे मैखाने में।
खैर.. मेरे जो साथी इस खुशी में ढक्कन खोलना चाहे उनका स्वागत है। हरकीरत हीर जी ने अपनी एक रचना में वाइट मिसचीफ का उल्लेख किया है। लोग इसका इस्तेमाल दिन में भी कर सकते हैं। कभी वाइट मिसचीफ से अपनी नातेदारी थी सो जो मित्र इसे ग्रहण करना चाहेंगे मैं उन्हें तरीका बता दूंगा। हां.. इसका ज्यादा सेवन नहीं करना है। अत्यधिक सेवन के बाद कई बार हीरो होंडा में जाने वाला आदमी रिक्शे में नजर आता है।
मैंने अपनी पहली पोस्ट पांच जनवरी 2010 को लिखी थी। लिखी क्या थी, जो कुछ अखबार में बतौर कालम छप रहा था उसे एक दिन बाद मेरा विशिष्ट सहयोगी अजय सक्सेना ब्लाग पर डाल देता था। वैसे मेरे कालम को पढ़कर और शायद नाटकों को देखकर संजीव तिवारी ने इस बात के लिए दबाव बनाया था कि मैं अपना ब्लाग खोल लूं। कई दिनों तक तो मैं टाल-मटोल करता रहा लेकिन एक दिन संजीव की जीत हो गई। संजीव ने ही मेरे ब्लाग को व्यवस्थित करने का काम किया और अब भी मेरे आग्रह को वह अस्वीकार नहीं करता है। संजीव के साथ ही ललित शर्मा, बीएस पाबला और जीके अवधिया जैसे धुरंधर ब्लागरों का सहयोग भी मैं समय-समय पर लेता रहता हूं।
बहरहाल इन छह महीनों की यात्रा में कुछ से मेरा विवाद भी हुआ और सच कहूं तो अब जाकर लगता है कि कुछ ब्लागरों से मैंने जबरदस्ती का पंगा भी लिया। हालांकि इस पंगे के पीछे मेरी मंशा कभी भी किसी को नीचा दिखाने की नहीं थी लेकिन शायद जिस तरह से अनजाने में ही मोहब्बत हो जाती है वैसी ही गलतियां भी होती है। कुछ गलतियां खूबसूरत तो होती है। मैं मानता हूं कि जो गलती हुई वह खूबसूरत थी। इन खूबसूरत गलतियों ने मुझे सिखाया कि दुनिया को खूबसूरत तरीके से बनते हुए देखने के लिए दूसरों से मोहब्बत करने की कला आनी चाहिए।
अब मुझे सारे ब्लाग अच्छे लगते हैं। सोचता हूं सबकी अपनी मेहनत है। मुझे किसी की भी मेहनत को एक झटके में खारिज कर देने का क्या हक है।
जनवरी से जून तक का यह सफर थोड़ा कठिन तो गुजरा है लेकिन आप सबके प्रेम और प्रोत्साहन ने मुझे इस बात का भरोसा तो दिलाया है कि रात कितनी भी काली क्यों न हो उजाले को तो आना ही है। यदि ईश्वर ने चाहा तो इसी अगस्त महीने तक मेरी एक किताब छपकर आ जाएगी। अपनी बेकारी और मुफलिसी के दिनों में मैंने कुछ नाटक भी लिखे थे। मैं इन्हें भी व्यवस्थित करने में लगा हूं।
मैं अपने उन तमाम पाठकों का आभारी हूं जिन्होंने मेरे ब्लाग पर कुछ पल बिताना जरूरी समझा। नीचे कुछ ब्लागरों के नाम दे रहा हूं। इन ब्लागरों की टिप्पणी न होती तो शायद मेरा खून कुछ किलोग्राम नहीं बढ़ता।
आभार-अंबरीशजी, सविता भाभी, समीललाल समीर, संजीव तिवारी, गिरीश पंकज अजय सक्सेना, ललित शर्मा, जीके अवधिया, बीएस पाबला, श्याम कोरी उदय, सूर्यकांत गुप्ता, संगीता स्वरूप, कोमल रस्तोगी, वंदना गुप्ता,शिखाजी, हरकीरत हीर राजकुमार ग्वालानी, अनिल पुसदकर, संजीत त्रिपाठी, कृष्ण कुमार मिश्रा, देवसूफी राम बंसल अजय झा, राकेश पांडे, ताऊ रामपुरिया, अजय कुमार, जय कुमार झा,यशवंत धोटे, लीलाधर राठी, मो-सम-कौन जयप्रकाश मानस, शरद कोकास, दिनेशराय द्विवेदी, सुरेश चिपलूनकर, डाक्टर महेश सिन्हा,डाक्टर एम वर्मा, अविनाश वाचस्पति, रुपचंद्र शास्त्री, विवेक रस्तोगी,सतीश सक्सेना, दीपक मशाल, राजभाटिया, रवि रतलामी, अनुनाद सिंह, मिहिरभोज, संजय पटेल, मनीष कुमार, भारतीय नागरिक, अलबेला खत्री, देवेंद्रनाथ, हरिशर्मा, गिरीश बिलौरे, परमजीत बाली, रंजना, अनूप शुक्ल, रमेश शर्मा, अंतरयात्री, पंकज मिश्रा, कविता, नीरज, राजीव रंजन प्रसाद, हिमांशु, राहुल कौशल, सुमन, रानी विशाल संगीता पुरी, डीके शर्मा वत्स वाणी गीत,यशवंत मेहता सौमेंद्र विभाष झा,युवराज गजपाल अश्वनी केशरवानी, अजय त्रिपाठी, सूर्यकांतगुप्ता, राहुलजी डाक्टर अजीत गुप्ता, शिवकुमार मिश्रा,किशोरजी, जय सिंह, अखिलकुमार, सुधा प्रजापति, अक्षिता, रतनसिहं शेखावत, रजनीश सिंह परिहार, अनुराग मुस्कान, संध्या गुप्ता, अरशद अली, दिलीप, आशीष महेंद्र मिश्र , डाक्टर अजमल खान, सतीश चौहान, रशिम प्रभा, अरविंद, रशिम रवीजा, मयंक नरोत्तम, काजल कुमार, देवकुमार झा, अमित शर्मा, अनूप जोशी, सीमा गुप्ता, पीसी गोदियाल, नीरज गोस्वामी, अरूण सी राय, स्वप्निल कुमार आतिश, बेचैन आत्मा, डाक्टर सुभाष राय, पवन धीमान, रचना दीक्षित, रवि कुमार, आदेश कुमार पंकज, श्यामल सुमन, माधव, मनोज कुमार, वंदना गुप्ता, शैल मंजूषा अदाजी,पीएन सुब्रहमिणयम, शानू शुक्ला, दिगम्बर नासवा, निर्मला कपिला, रावेंद्र कुमार रवि, कौशल तिवारी, वाणी गीत, रामत्यागी, संतीश पंचम अनामिका, राजीव तनेजा, जरीन सिद्धकी, निशांत मिश्र, दिव्या, महफूज अली, गौरव अग्रवाल, महेंद्र आर्य, शेखर कुमावत, दर्शनलाल, खुशदीप सहगल, नितीश राज, जय, शाहनवाज, मीनाक्षी, सुलभ, परशुराम, महाशक्ति, बबली, प्रभाकर पांडेय नीरज कुमार सिंह, जाकिर अली, हिमांशु मोहन, डाक्टर अमर कुमार, नीशू तिवारी, मयूर मल्हार, मिथलेश दुबे, राजेंद्र मीणा, धीरू सिंह, सुनीत दत्त, अरविंद मिश्रा, अंतर सोहिल, शेफाली पांडेय, अनजाना, अदिति सक्सेना, अल्पना वर्मा, स्वाति, कुलवंत हैप्पी, मनोज, निलेश माथुर, संजय कुमार चौरसिया, दीपक, गिरीश केशरवानी, तारकेश्वर गिरी, दिवाकर मणि, अल्का, रंजन, अमरेंद्र त्रिपाठी, नीरज जाट, राहुल सिंह, आशा, पारूल, संजय भास्कर, राजेश, संजय तिवारी, पदमसिंह, पूनम, फिरदौस खान, निर्मला कपिला, रजनीश परिहार, अमरजीत, सतीश कुमार, छत्तीसगढ़ मानव, राजीव भरोल, भावेश, रोहित, कुश, कविता रावत, राकेश कौशिक, नवीन प्रकाश, गिरिजेश राव, नरेश सोनी, यौगेंद्र मौदगिल।
( और भी बहुत से नाम है... जिनके नाम छूट गए हैं उन सबसे क्षमा )